आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार 23 सितम्बर को जिले में 11 वां अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम “ स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद ” निर्धारित की गई है। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिले में संचालित विभिन्न आयुष संस्थाओं द्वारा आयुर्वेद की उपयोगिता, स्वस्थ जीवनशैली, पोषण तथा रोगों से बचाव के प्रति आमजन में जागरूकता लाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

आयुर्वेद दिवस के आयोजन की तैयारियों के क्रम में जिले की विभिन्न आयुष संस्थाओं द्वारा पूर्व से ही जन-जागरूकता शिविर, पोषण संबंधी व्याख्यान तथा आयुर्वेद एवं स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

23 सितम्बर को आयुष संस्थाओं में होंगे विविध आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जिले की समस्त आयुष संस्थाओं में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंतर्गत आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरी जी का पूजन-अर्चन, वृक्षारोपण, निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर तथा आमजन के लिए आयुर्वेद, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली एवं विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों के संबंध में जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इस दौरान नागरिकों को आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, दैनिक जीवन में स्वास्थ्यवर्धक आदतों को शामिल करने तथा रोगों से बचाव के लिए आयुष पद्धतियों की उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी जाएगी। निःशुल्क आयुष चिकित्सा शिविरों के माध्यम से नागरिकों को स्वास्थ्य परामर्श एवं आयुष चिकित्सा सेवाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

जिले में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आयुर्वेद एवं आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति नागरिकों को प्रेरित करना है। साथ ही, आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान एवं उपचार पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।