उज्जैन, 2 अक्टूबर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के दौरान जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का संदेश माकड़ोन, तहसील तराना निवासी श्रीमती श्यामुबाई पति श्री बाबुलाल (उम्र 45 वर्ष) की सफलता की कहानी से और पुष्ट हुआ है।
आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के अंतर्गत निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद उन्हें आँखों की स्पष्ट रोशनी वापस मिल गई है। श्यामुबाई लंबे समय से आँखों में धुंधलेपन की समस्या से ग्रसित थीं। बहुत कम दिखाई देने और देखने में अधिक जोर पड़ने के कारण अक्सर सिर में दर्द भी रहता था। परिजन जब उन्हें जांच के लिए अस्पताल ले गए, तो चिकित्सकों ने दोनों आँखों में मोतियाबिंद पाया।
चिकित्सकों ने बताया कि समय पर ऑपरेशन हो जाए तो दृष्टि सामान्य हो सकती है और परेशानी दूर हो जाएगी। मजदूरी करने वाली श्यामुबाई के परिवार के सामने खर्च की चिंता थी। चिकित्सकों ने आश्वस्त किया कि आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के अंतर्गत ऑपरेशन पूर्णतः निःशुल्क होगा और उन्हें एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा।
इस बात से प्रेरित होकर परिजन इलाज के लिए तैयार हो गए। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, जिला उज्जैन द्वारा श्यामुबाई को आर.डी. गार्डी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन में भर्ती करवाकर मोतियाबिंद का सफल ऑपरेशन करवाया गया। ऑपरेशन का संपूर्ण व्यय आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के तहत शासन द्वारा वहन किया गया।
यह उपचार सेवा संकल्प अभियान की उसी भावना से जुड़ता है, जिसके अंतर्गत पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना और स्वास्थ्य सेवा को उनके द्वार तक ले जाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
अभियान के दौरान 2 से 10 अक्टूबर तक चल रही ‘सेवा मेरा योगदान’ गतिविधियों में स्वास्थ्य शिविर, नेत्र परीक्षण और शासन की स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी शामिल है। ऑपरेशन के बाद श्यामुबाई पूरी तरह स्वस्थ हैं और स्पष्ट देख पा रही हैं। अब दूसरी आँख पर अधिक जोर नहीं देना पड़ता।
उनके परिजन शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि आयुष्मान भारत निरामयम् के कारण ही वे निःशुल्क ऑपरेशन करवा सके और श्यामुबाई को फिर से रोशनी मिल सकी। यह प्रकरण सेवा संकल्प अभियान का सजीव उदाहरण है। अभियान के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आयुष्मान भारत निरामयम् जैसी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि गंभीर बीमारियों का समय पर और बिना आर्थिक बोझ के उपचार संभव हो सके।


