खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो गई है। किसान 10 अक्टूबर 2026 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकते हैं।
जिले में किसानों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों तथा सहकारी समितियों द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की गई है।
खास बातें
- विदिशा जिले में सहकारी समितियों द्वारा कुल 14 पंजीयन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
- प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं।
- जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे 10 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय रहते अपना पंजीयन करा लें।
विदिशा जिले में सहकारी समितियों द्वारा कुल 14 पंजीयन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
इन केंद्रों पर होगा निःशुल्क पंजीयन
निर्धारित पंजीयन केंद्रों में तहसील विदिशा के सेवा सहकारी समिति मर्यादित देवखजुरी, विपणन सहकारी समिति मर्यादित मार्केटिंग विदिशा परिसर तथा सेवा सहकारी समिति रंगई शामिल हैं। इसी प्रकार ग्यारसपुर में सेवा सहकारी समिति मर्यादित ग्यारसपुर, सेवा सहकारी समिति मर्यादित बर्रीघाट, बासौदा में सेवा सहकारी समिति मर्यादित हतौडा एवं सेवा सहकारी समिति मर्यादित बरेठ में पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।
इसके अलावा सेवा सहकारी समिति बागरोद, विपणन सहकारी समिति मर्यादित नटेरन, विपणन सहकारी समिति मर्यादित मार्केटिंग शमशाबाद, विपणन सहकारी समिति कुरवाई, सेवा सहकारी समिति मर्यादित पठारी, विपणन सहकारी समिति मर्यादित लटेरी, विपणन सहकारी समिति मर्यादित सिरोंज शामिल है।
एमपी ऑनलाइन, सीएससी एवं साइबर कैफे से भी पंजीयन
सशुल्क व्यवस्था के तहत किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), लोक सेवा केंद्र अथवा निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे के माध्यम से अधिकतम 50 रुपये शुल्क का भुगतान कर पंजीयन करा सकते हैं। प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए 1100 से अधिक पंजीयन केंद्र उपलब्ध कराए गए हैं।
पंजीयन कराने तथा फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा। आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी अथवा बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से आधार सत्यापन किया जा सकेगा। पंजीयन के समय किसान को भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार तथा बैंक खाते की जानकारी/छायाप्रति उपलब्ध करानी होगी।
एग्रीस्टेक डेटाबेस से ली जाएगी भूमि और फसल की जानकारी
किसान के पंजीयन में भूमि का खसरा, रकबा एवं बोई गई फसल की जानकारी एग्रीस्टेक डेटाबेस से ली जाएगी। यदि किसी किसान के सभी खसरे एग्रीस्टेक डेटाबेस में उपलब्ध नहीं हैं तो संबंधित पटवारी, सीएससी, ग्राम सहायक अथवा किसान द्वारा शेष खसरों को डेटाबेस में जोड़ा जा सकेगा। इसके बाद संबंधित खसरे की जानकारी पंजीयन में दर्ज की जाएगी।
सिकमी, बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों के लिए विशेष व्यवस्था
सिकमी/बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति स्तर पर स्थापित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। ऐसे किसानों के दस्तावेजों का आवश्यक सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। सिकमी एवं बटाईदार किसानों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भूमि संबंधी अनुबंध का होना आवश्यक है।
किसानों से समय सीमा में पंजीयन कराने की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे 10 अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय रहते अपना पंजीयन करा लें। पंजीयन कराने के बाद प्राप्त रसीद को सुरक्षित रखें और यह सुनिश्चित करें कि रसीद में किसान द्वारा उपलब्ध कराई गई सभी जानकारी सही-सही दर्ज है। इससे उपज विक्रय के समय अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।

