सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत 'कहानी सेवा की' श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं, सागर जिले के शाहपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत देवरी पथरिया के शिक्षित युवा किसान श्री बरसात सिंह राजपूत की, जिन्होंने आधुनिक तकनीक और कृषि विभाग के मार्गदर्शन में ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।

वे कई वर्षों से जायद मौसम में मूंग की खेती करते आ रहे थे, लेकिन इस वर्ष कृषि विभाग की सलाह पर उन्होंने मूंगफली की खेती अपनाई, जिससे उन्हें बेहतर उत्पादन और लाभ प्राप्त हुआ। श्री राजपूत ने कृषि विभाग से निःशुल्क प्राप्त जीजी-37 (सोरथ गौरव) किस्म के 30 किलोग्राम बीज की एक एकड़ में बुवाई की।

खास बातें

  • श्री राजपूत ने कृषि विभाग से निःशुल्क प्राप्त जीजी-37 (सोरथ गौरव) किस्म के 30 किलोग्राम बीज की एक एकड़ में बुवाई की।
  • समय पर बुवाई और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन से 90 से 100 दिनों में फसल तैयार हुई और प्रति एकड़ लगभग 10 से 12 क्विंटल मूंगफली का उत्पादन प्राप्त हुआ।
  • किसानों ने समय पर बुवाई कर वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाया, जिससे उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त हुआ।

रबी फसल की नरवाई को रोटावेटर से मिट्टी में मिलाकर खेत तैयार किया गया तथा गोबर की खाद, संतुलित उर्वरकों और स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति का उपयोग किया गया। समय पर बुवाई और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन से 90 से 100 दिनों में फसल तैयार हुई और प्रति एकड़ लगभग 10 से 12 क्विंटल मूंगफली का उत्पादन प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि समय पर बुवाई के कारण फसल बारिश से पहले तैयार हो गई।

फसल में किसी प्रकार का रोग या कीट प्रकोप नहीं हुआ और रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग की आवश्यकता भी नहीं पड़ी। इससे प्राकृतिक रूप से उच्च गुणवत्ता वाली मूंगफली का उत्पादन मिला। कृषि विस्तार अधिकारी श्री कुलदीप क्रिश्चियन ने बताया कि ग्राम पंचायत देवरी पथरिया के किसानों को पहली बार ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती के लिए जीजी-37 (सोरथ गौरव) किस्म का निःशुल्क बीज उपलब्ध कराया गया था।

किसानों ने समय पर बुवाई कर वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाया, जिससे उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि शाहपुर क्षेत्र की भूमि और जलवायु ग्रीष्मकालीन मूंगफली की खेती के लिए उपयुक्त है। श्री बरसात सिंह राजपूत की सफलता जिले के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।