जनपद पंचायत सिरोंज की ग्राम पंचायत इमलानी निवासी श्री सुन्दरलाल पुत्र श्री शंकरलाल के लिए पक्का मकान कभी एक सपना हुआ करता था। परिवार के साथ करीब 25 वर्षों तक कच्चे मकान और छपरी में जीवन बिताने वाले सुन्दरलाल को बारिश के दिनों में सबसे अधिक परेशानी होती थी। छत से पानी टपकता था और कच्चे मकान में गंदगी एवं मच्छरों के कारण परिवार के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी रहती थी।

श्री सुन्दरलाल खेतीहर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पति-पत्नी, पुत्र एवं पुत्रवधु सहित चार सदस्य हैं। सीमित आमदनी के कारण परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही चुनौती थी। ऐसे में पक्का मकान बनाना उनके लिए बहुत दूर की बात थी। वे अक्सर मन ही मन सोचते थे कि “ क्या कभी मेरा भी पक्का मकान होगा?”

खास बातें

  • वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलानी को आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ।
  • योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए शासन से कुल 1.20 लाख रुपये चार किश्तों में प्राप्त हुए।
  • प्रथम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये, द्वितीय किश्त 40 हजार रुपये, तृतीय किश्त 40 हजार रुपये तथा आवास पूर्ण होने पर अंतिम किश्त के रूप में 15 हजार रुपये की राशि मिली।

वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलानी को आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ। इसी क्रम में श्री सुन्दरलाल का चयन योजना के लिए किया गया। आवास स्वीकृत होने की जानकारी मिलने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वे कहते हैं, “ मुझे लगा जैसे भगवान ने मेरे मन की बात सुन ली। ”

योजना के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए शासन से कुल 1.20 लाख रुपये चार किश्तों में प्राप्त हुए। प्रथम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये, द्वितीय किश्त 40 हजार रुपये, तृतीय किश्त 40 हजार रुपये तथा आवास पूर्ण होने पर अंतिम किश्त के रूप में 15 हजार रुपये की राशि मिली। इसके साथ ही मनरेगा के अंतर्गत 90 दिवस की मजदूरी का लाभ भी प्राप्त हुआ। इन शासकीय सहायता से सुन्दरलाल ने मेहनत और लगन से अपने पक्के आवास का निर्माण पूर्ण किया।

पक्का घर बना तो बदली जीवन की तस्वीर

आज श्री सुन्दरलाल अपने परिवार के साथ पक्के और सुरक्षित आवास में हंसी-खुशी जीवन बिता रहे हैं। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की चिंता नहीं रहती। परिवार को धूप, बारिश और मौसम की अन्य परेशानियों से सुरक्षा मिली है। पहले जहां मेहमानों के आने पर उनके ठहरने की व्यवस्था को लेकर संकोच होता था, वहीं अब परिवार आत्मविश्वास और सम्मान के साथ उनका स्वागत करता है।

पक्का मकान मिलने से परिवार के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। मोहल्ले में सम्मान बढ़ा है और परिवार के सदस्यों में आत्मविश्वास आया है। सुन्दरलाल बताते हैं कि पहले बारिश के मौसम में जो डर बना रहता था, वह अब पूरी तरह समाप्त हो गया है।

स्वास्थ्य और आर्थिक जीवन में भी सुधार

कच्चे मकान में गंदगी और मच्छरों के कारण परिवार के सदस्यों के बार-बार बीमार होने की समस्या रहती थी। सीमित आय के कारण इलाज का खर्च उठाना भी कठिन होता था। पक्का और व्यवस्थित आवास मिलने के बाद परिवार को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिला है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में भी कमी आई है।

श्री सुन्दरलाल को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है, जिसमें खाद्यान्न पर्ची, उज्ज्वला योजना एवं श्रमिक कार्ड प्रमुख हैं। इन योजनाओं ने उनके परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को मजबूत करने में सहायता की है।

श्री सुन्दरलाल के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण केवल एक पक्का मकान मिलने की योजना नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार बनी है। आज उनका परिवार अपने पक्के आशियाने में खुशहाल जीवन जी रहा है और कभी देखा गया “ पक्के घर का सपना ” अब हकीकत बन चुका है।