सुबह की शुरुआत हो या परिवार के लिए भोजन तैयार करने की बात, रसोई हर घर की दिनचर्या का अहम हिस्सा है। ग्रामीण महिलाओं के लिए यह काम तब और कठिन हो जाता है, जब खाना पकाने के लिए लकड़ी और पारंपरिक चूल्हे पर निर्भर रहना पड़े। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने ऐसी ही महिलाओं की रसोई को धुएं से राहत देते हुए खाना पकाने को सुविधाजनक बनाया है।
सिवनी जिले की ग्राम लखनवाड़ा की श्रीमती कमला बाई बघेल को भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत निःशुल्क गैस कनेक्शन का लाभ मिला। गैस कनेक्शन मिलने के बाद उनकी रसोई की तस्वीर बदल गई है। जहां पहले भोजन तैयार करने के लिए लकड़ी जुटाने और चूल्हा जलाने में समय लगता था, वहीं अब गैस चूल्हे ने इस काम को आसान बना दिया है।
कमला बाई बताती हैं कि पारंपरिक चूल्हे पर खाना बनाते समय धुएं की परेशानी के साथ-साथ लकड़ी की व्यवस्था करना भी रोज की चिंता रहती थी। उज्ज्वला योजना के माध्यम से गैस कनेक्शन मिलने के बाद इस परेशानी से काफी राहत मिली है। अब खाना बनाना पहले की तुलना में आसान और सुविधाजनक हो गया है तथा समय की भी बचत होती है।
कमला बाई के लिए उज्ज्वला योजना का लाभ केवल रसोई में बदलाव नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में मिली सुविधा और सुकून का अनुभव है। स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता से उनकी दिनचर्या सरल हुई है और परिवार के लिए भोजन तैयार करने का काम पहले से सहज हो गया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से मिले इस लाभ के लिए श्रीमती कमला बाई बघेल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

