कुछ नया करने की सोच और किसी समस्या का समाधान खोजने का जुनून हो, तो एक छोटा सा विचार भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकता है। नरसिंहपुर के 24 वर्षीय हर्ष पिता कैलाश श्रीवास्तव की कहानी इसका उदाहरण है। हर्ष ने पानी की बर्बादी और बिजली की अनावश्यक खपत को देखा और इसे कम करने के लिए कुछ करने का फैसला किया। इसी सोच के साथ उन्होंने वर्ष 2022 में स्काइला ग्रुप डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की शुरुआत की।

हर्ष ने बताया कि कई जगह पानी की मोटर चालू करने के बाद समय पर बंद नहीं की जाती थी। इससे टंकी का पानी बाहर बह जाता था और बिजली भी खर्च होती थी। इसी समस्या के समाधान के लिए हर्ष ने वॉटर कंट्रोलर तैयार किया। यह उपकरण टंकी में लगे सेंसर की मदद से पानी के स्तर को पहचानता है। टंकी में पानी कम होने पर मोटर अपने आप चालू हो जाती है और पानी भर जाने पर मोटर स्वतः बंद हो जाती है। इससे पानी की बर्बादी कम होती है और बिजली की बचत में भी मदद मिलती है।

किसानों के लिए बनाया मिनी ऑटो स्विच

हर्ष ने किसानों की समस्या को भी समझा। खेतों में सिंचाई के लिए किसानों को कई बार मोटर चालू और बंद करने के लिए खेत तक जाना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने मिनी ऑटो स्विच तैयार किया। इस उपकरण में किसान अपनी जरूरत के अनुसार मोटर चलाने का समय निर्धारित कर सकते हैं। तय समय पर मोटर अपने आप चालू होती है और निर्धारित समय पूरा होने पर बंद हो जाती है। इससे किसानों का समय, मेहनत और आने-जाने की परेशानी कम होती है।

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना बनी सहारा

व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए हर्ष ने वर्ष 2026 में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से 6 लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और नए उत्पादों के निर्माण पर काम शुरू किया।

हर्ष बताते हैं कि योजना से मिली आर्थिक मदद ने उनके काम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनका आत्मविश्वास बढ़ा। आज हर्ष के व्यवसाय से उन्हें लगभग 5 से 6 लाख रुपये की वार्षिक शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। उनके व्यवसाय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 14 लोगों को रोजगार मिला है। नरसिंहपुर के साथ इंदौर और जबलपुर में भी उनके कर्मचारी मार्केटिंग का काम कर रहे हैं। हर्ष द्वारा बनाए जा रहे उपकरणों की मांग मध्यप्रदेश के साथ देश के अन्य राज्यों में भी पहुंच रही है। ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से वे अपने उत्पाद अलग-अलग स्थानों पर भेज रहे हैं।

हर्ष की कहानी बताती है कि बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। एक समस्या को पहचानकर उसका समाधान खोजने की सोच भी उद्यम की शुरुआत बन सकती है। आज हर्ष अपने नवाचार के माध्यम से खुद आगे बढ़ रहे हैं और दूसरे लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार कर रहे हैं।

हर्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ने उनके सपने को आगे बढ़ाने में आर्थिक सहयोग के साथ आत्मविश्वास भी दिया है।